छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा का पुराना भवन इतिहास बना, सांसद बृजमोहन अग्रवाल हुए भावुक

Shantanu Roy
18 Nov 2025 9:16 PM IST
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पुराना भवन इतिहास बना, सांसद बृजमोहन अग्रवाल हुए भावुक
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पुराना भवन आज आधिकारिक रूप से इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इस विशेष अवसर पर रायपुर लोकसभा सांसद और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीवंत परंपराओं, अनगिनत बहसों और राज्य के विकास की यात्रा का साक्षी रहा है। लगभग 24 वर्षों तक यह परिसर उनकी कर्मभूमि रहा, जहाँ उन्होंने विधायक और मंत्री के रूप में जनता की उम्मीदों, संघर्षों और सपनों को आवाज दी। विशेष सत्र के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से भेंट कर उन्हें इस ऐतिहासिक क्षण पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पुराना विधानसभा भवन भले आज इतिहास बन गया हो, लेकिन इसकी दीवारों में समाई हर स्मृति हमेशा जीवंत रहेगी।

इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरिशंकर अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, रायपुर उत्तर के विधायक सुनील सोनी सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कर्मचारियों से भी उनकी मुलाकात हुई। अग्रवाल ने कहा कि इस भवन की हर गैलरी, हर बैठक, हर बहस उनके राजनीतिक जीवन की अमूल्य यादों का खजाना है। "यह भवन मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों का साथी रहा। यहाँ से ही मैंने सीखने, समझने, संघर्ष करने और जनता की सेवा की दिशा तय की," उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह परिसर नए नेताओं की पीढ़ियों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का गहरा अनुभव कराता रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उन्हें लगातार प्रतिनिधित्व करने का अवसर देकर जो सम्मान दिया, वह जीवन भर याद रहेगा।

“यह अध्याय भले आज समाप्त हो रहा हो, लेकिन कृतज्ञता से भरा मन इसे कभी भूल नहीं सकता,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा। उन्होंने आगे कहा कि नए विधानसभा भवन में प्रवेश नई ऊर्जा और नए संकल्पों के साथ होगा, परंतु पुरानी यादें हमेशा प्रेरणा देती रहेंगी। सांसद अग्रवाल ने कहा कि भवन बदल सकता है, समय बदल सकता है, लेकिन लोकतंत्र के प्रति निष्ठा और जनता की सेवा का संकल्प कभी नहीं बदलने वाला। छत्तीसगढ़ की उन्नति और विकास ही आने वाले समय में उनका मूल लक्ष्य रहेगा। उन्होंने पुराने विधानसभा भवन को शत-शत नमन करते हुए कहा कि यह स्थल हमेशा राज्य की राजनीतिक और लोकतांत्रिक विरासत का प्रतीक रहेगा। पुराने विधानसभा भवन के इतिहास बनने के साथ ही एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ है। वहीं, नई विधानसभा की ओर बढ़ते कदम राज्य की प्रगतिशील यात्रा के नए पन्नों की शुरुआत मानी जा रही है। यह क्षण न केवल नेताओं के लिए भावुक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए भी एक ऐतिहासिक मोड़ है।
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